﻿                             पूर्वमेघः/NS

कश्चित्/SNV कान्ताविरहगुरुणा/NV स्वाधिकारात्/NP प्रमत्तः/NV
शापेन/NP अस्तंगमितमहिमा/NV वर्षभोग्येण/NV भर्तुः/NP ।/PUNC
यक्षः/NP चक्रे/KP जनकतनयास्नानपुण्योदकेषु/NV
स्निग्धछायातरुषु/NV वसतिम्/NP रामगिर्याश्रमेषु/NS ।।/PUNC १/PUNC ।।/PUNC 
तस्मिन्/SNV अद्रौ/NP कतिचिद्/SNV अबलाविप्रयुक्तः/NV सः/SNV कामी/NP
नीत्वा/KKS मासान्/NP कनकवलयभ्रंशरिक्तप्रकोष्ठः/NV ।/PUNC
आषाढस्य/NS प्रथमदिवसे/NP मेघम्/NP आश्लिष्टसानुम्/NV
वप्रक्रीडापरिणतगजप्रेक्षणीयम्/NV ददर्श/KP ।।/PUNC २/PUNC ।।/PUNC
तस्य/SN स्थित्वा/KKS कथम्/KV अपि/A पुरः/NP कौतुकाधानहेतोः/NP अन्तःवाष्प/NP चिरम्/KV अनुचरः/NP राजराजस्य/NS दध्यौ/KP ।/PUNC
मेघालोके/NP भवति/KP सुखिनः/NP अपि/ASD अन्यथा/NV वृत्तिचेतः/NV
कण्ठाश्लेषप्रणयिनि/NV जने/NP किम्/SN पुनः/A दूरसंस्थे/NV ।।/PUNC ३/PUNC ।।/PUNC 
प्रत्यासन्ने/NV नभसि/NP दयिताजीवितालम्बनार्थी/NV
जीमूतेन/NP स्वकुशलमयीम्/NP हारयिष्यन्/KNV प्रवृत्तिम्/NP ‌।/PUNC
सः/SN प्रत्यग्रैः/NP कुटजकुसुमैः/NP कल्पितार्घाय/NP तस्मै/SN
प्रीतः/NP प्रीतिप्रमुखवचनम्/NP स्वागतम्/NP व्याजहार/KP ।।/PUNC ४/PUNC ।।/PUNC 
धूमज्योतिः/NP सलिलमरुताम्/NP सन्निपातः/NV क्व/AVK मेघः/NP
संदेशार्थाः/NP क्व/AVK पटुकरणैः/NP प्राणिभिः/NP प्रापणीयाः/KN ।/PUNC
इति/AUD औत्सुक्यात्/NP अपरिगणयन्/KNV गुह्यकः/NP तम्/SN ययाचे/KP
कामार्ताः/NP हि/A प्रकृतिकृपणाः/NV चेतनाचेतनेषु/NP ।।/PUNC ५/PUNC ।।/PUNC 
जातम्/KN वंशे/NP भुवनविदिते/NV पुष्करावर्तकानाम्/NS 
जानामि/KP त्वाम्/SN प्रकृतिपुरुषम्/NV कामरूपम्/NV मघोनः/NP ।/PUNC
तेन/SN अर्थित्वम्/NP त्वयि/SN विधिवशाद्/NP दूरबन्धुः/NV गतः/KN अहम्/SN
याच्ञा/NP मोघा/NV वरम्/NV अधिगुणे/NP न/AN अधमे/NP लब्धकामा/NV ।।/PUNC ६/PUNC ।।/PUNC 
संतप्तानाम्/NP त्वम्/SN असि/KP शरणम्/NP तत्‌पयोदः/NP प्रियायाः/NP
संदेशम्/NP मे/SN हर/KP धनपतिक्रोधविश्लेषितस्य/NV ।/PUNC
गन्तव्या/KN ते/SN वसतिः/NV अलका/NS नाम/NV यक्षेश्वराणाम्/NP 
बाह्योद्यानस्थितहरशिरःचन्द्रिकाधौतहर्म्या/NV ।।/PUNC ७/PUNC ॥/PUNC
त्वाम्/SN आरूढम्/KN पवनपदवीम्/NP उद्गृहीता/NV अलकान्ताः/NP
प्रेक्षिष्यन्ते/KP पथिकवनिताः/NP प्रत्ययाद्/NP अश्वसत्यः/KNV ।/PUNC
कः/SN संनद्धे/KN विरहविधुराम्/NV त्वयि/SN उपेक्षेत/KP जायाम्/NP
न/AN स्याद्/KP अन्यः/SN अपि/ASD अहम्/SN इव/ASD जनः/NP यः/SSN पराधीनवृत्तिः/NV ।।/PUNC ८/PUNC ।।/PUNC
मन्दम्/KV मन्दम्/DV नुदति/KP पवनः/NP च/AVK अनुकूलः/NV यथा/ASD त्वाम्/SN
वामः/NP च/AVK अयम्/SNV नदति/KP मधुरम्/KV चातकः/NP ते/SN सगन्धः/NV ।/PUNC
गर्भाधानक्षणपरिचयात्/NP नूनम्/A आबद्धमालाः/NV
सेविष्यन्ते/KP नयनसुभगम्/NV खे/NP भवन्तम्/SN बलाकाः/NP ।।/PUNC ९/PUNC ॥/PUNC
ताम्/SN च/AVK अवश्यम्/KV दिवसगणनातत्पराम्/NV एकपत्नीम्‌/NP अव्यापन्नाम्‌/NV अविहतगतिः/NV द्रक्ष्यसि/KP भ्रातृजायाम्/NP ‌।/PUNC
आशाबन्धः/NV कुसुमसदृशम्/NV प्रायशः/KV हि/A अङ्‌गनानाम्/NP
सद्यः/KV पाति/KP प्रणयि/NP हृदयम्/NP विप्रयोगे/NV रुणद्धि/KP ।।/PUNC १०/PUNC ।।/PUNC
कर्तुम्/KKS यत्/SSN च/AVK प्रभवति/KP महीम्/NP उच्छिलीन्ध्राम्/NV अवन्ध्याम्‌/NV
तत्/SN श्रुत्वा/KKS ते/SN श्रवणसुभगम्/NV गर्जितम्/NV मानसोकाः/NP ।/PUNC
आकैलासात्/NS बिसकिसलयछेदपाथेयवन्तः/NV
संपत्स्यन्ते/KP नभसि/NP भवतः/SN राजहंसाः/NP सहायाः/NV ।।/PUNC ११/PUNC ।।/PUNC
आपृच्छस्व/KP प्रियसखम्/NV अमुम्/SNV तुङ्‌गम्/NP आलिङ्‌ग्य/KKS शैलम्/NP
वन्द्यैः/NV पुंसाम्/NP रघुपतिपदैः/NP अङ्कितम्/KN मेखलासु/NP ।/PUNC 
काले/NP काले/DV भवति/KP भवतः/SN यस्य/SSN संयोगम्/NP एत्य/KKS
स्नेहव्यक्तिः/NP चिरविरहजम्/NV मुञ्चतः/KNV बाष्पम्/NP उष्णम्‌/NV ।।/PUNC १२/PUNC ।।/PUNC
मार्गम्/NP तावत्/A शृणु/KP कथयतः/KNV त्वत्/SN प्रयाणानुरूपम्/NV
संदेशम्/NP मे/SN तत्/SNV अनुजलद/NP श्रोष्यसि/KP श्रोत्रपेयम्‌/NV ।/PUNC
खिन्नः/NV खिन्नः/DV शिखरिषु/NP पदम्/NP न्यस्य/KKS गन्तासि/KP यत्र/A
क्षीणः/NV क्षीणः/DV परिलघु/NV पयः/NP स्रोतसाम्/NP च/AVK उपभुज्य/KKS ।।/PUNC १३/PUNC ।।/PUNC 
अद्रेः/NP शृङ्‌गम्/NP हरति/KP पवनः/NP किंस्विद्/A इति/AUD उन्मुखीभिः/NV दृष्टोत्साहः/NV चकितचकितम्/NV मुग्धसिद्धाङ्‌गनाभिः/NP ।/PUNC
स्थानाद्/NP अस्मात्/SN सरसनिचुलाद्/NP उत्पतोदङ्‌मुखः/NV खम्/NP
दिङ्‌नागानाम्/NP पथि/NP परिहरन्/KNV स्थूलहस्तावलेपान्‌/NP ।।/PUNC १४/PUNC ।।/PUNC
रत्नछायाव्यतिकरः/NV इव/ASD प्रेक्ष्यम्/KN एतत्/SN पुरस्तात्‌/KV बल्मीकाग्रात्/NP प्रभवति/KP धनुःखण्डम्/NP आखण्डलस्य/NS ।/PUNC
येन/SSN श्यामम्/NV वपुः/NP अतितराम्/KV कान्तिम्/NP आपत्स्यते/KP ते/SN
बर्हेण/NP इव/ASD स्फ़ुरितरुचिना/NP गोपवेषस्य/NV विष्णोः/NS ।।/PUNC १५/PUNC ।।/PUNC
त्वयि/SN आयत्तम्/NP कृषिफल/NP इति/AUD भ्रूविकारान्/NP अभिज्ञैः/NV
प्रीतिस्निग्धैः/NV जनपदवधूलोचनैः/NP पीयमानः/KNV ।/PUNC
सद्यः/KV सीरोत्कर्षणसुरभिक्षेत्रम्/NP आरुह्य/KKS मालम्/NS
किंचित्/SN पश्चाद्/KV व्रज/KP लघुगतिः/NV भूयः/KV एव/INTF उत्तरेण/NS ।।/PUNC १६/PUNC ।।/PUNC
त्वाम्/SN आसारप्रशभितवनोपप्लवम्/NV साधु/KV मूर्ध्ना/NP
वक्ष्यति/KP अध्वश्रमपरिगतम्/NV सानुमान्/NV आम्रकूटः/NS ।/PUNC
न/AN क्षुद्रः/NV अपि/ASD प्रथमसुकृतापेक्षया/NP संश्रयाय/NP
प्राप्ते/KN मित्रे/NP भवति/KP विमुखः/NV किम्/SN पुनः/A यः/SSN तथा/ASD उच्चैः/KV ।।/PUNC १७/PUNC ।।/PUNC
छन्नोपान्तः/NV परिणतफलद्योतिभिः/NP काननाम्रैः/NP त्वयि/SN आरूढे/KNV शिखरम्/NP अचलः/NV स्निग्धवेणीसवर्णे/NV ।/PUNC
नूनम्/KV यास्यति/KP अमरमिथुनप्रेक्षणीयाम्/NV अवस्थाम्/NP
मध्ये/NP श्यामः/NV स्तनः/NP इव/ASD भुवः/NP शेषविस्तारपाण्डुः/NP ।।/PUNC १८/PUNC ।।/PUNC
स्थित्वा/KKS तस्मिन्/SNV वनचरवधूभुक्तकुञ्जे/NP मुहूर्तम्/NP
तोयोत्सर्गद्रुततरगतिः/NV तत्परम्/NV वर्त्म/NP तीर्णः/KN ।/PUNC
रेवाम्/NS द्रक्ष्यसि/KP उपलविषमे/NV विन्ध्यपादे/NS विशीर्णाम्/NV
भक्तिछेदैः/NP इव/ASD विरचिताम्/NV भूतिम्/NP अङ्‌गे/NP गजस्य/NP ।।/PUNC १९/PUNC ।।/PUNC
तस्याः/SN तिक्तैः/NV वनगजमदैः/NP वासितम्/KN वान्तवृष्टिः/NP जम्बूकुञ्जप्रतिहतः/NV अयम्/SNV तोयम्/NP आदाय/KKS गच्छेः/KP ।/PUNC
अन्तःसारम्/NV घन/NP तुलयितुम्/KKS न/AN अनिलः/NP शक्ष्यति/KP त्वाम्/SN
रिक्तः/NV सर्वः/SN भवति/KP हि/A लघुः/NV पूर्णता/NP गौरवाय/NP ।।/PUNC २०/PUNC ।।/PUNC
नीपम्/NP दृष्ट्वा/KKS हरितकपिशम्/NV केसरैः/NP अर्धरूढैः/NV आविर्भूतप्रथमः/NV मुकुलाः/NV कन्दलीः/NP च/AVK अनुकच्छम्‌/NV ।/PUNC
जग्ध्वा/KKS अरण्येषु/NP अधिकसुरभिम्/NV गन्धम्/NP आघ्राय/KKS च/AVK उर्व्याः/NP
सारङ्‌गाः/NP ते/SN जललवमुचः/KNV सूचयिष्यन्ति/KP मार्गम्‌/NP ।।/PUNC २१/PUNC ।।/PUNC
अम्भोबिन्दुग्रहणचतुरान्/NV चातकान्/NP वीक्षमाणाः/KNV
श्रेणीभूताः/NV परिगणनया/NP निर्दिशन्तः/KNV बलाकाः/NP ।/PUNC
त्वाम्/SN आसाद्य/KKS स्तनितसमये/NP मानयिष्यन्ति/KP सिद्धाः/NV
सोत्कम्पानि/NV प्रियसहचरीसंभ्रमलिङ्गितानि/NV ।।/PUNC २२/PUNC ।।/PUNC
उत्पश्यामि/KP द्रुतम्/KV अपि/ASD सखे/NP मत्प्रियार्थम्/NP यियासोः/NV
कालक्षेपम्/NP ककुभसुरभौ/NP पर्वते/NP पर्वते/DV ते/SN ।/PUNC
शुक्लापाङ्‌गैः/NV सजलनयनैः/NP स्वागतीकृत्य/KKS केकाः/NP
प्रत्युद्यातः/NP कथम्/KV अपि/ASD भवान्/SN गन्तुम्/KKS आशु/KV व्यवस्येत्‌/KP ।।/PUNC २३/PUNC ।।/PUNC
पाण्डुछायोपवनवृतयः/NP केतकैः/NP सूचिभिन्नैः/NV नीडारम्भैः/NV गृहबलिभुजाम्/NP आकुलग्रामचैत्याः/NP ।/PUNC
त्वयि/SN आसन्ने/KNV परिणतफलश्यामजम्बूवनान्ताः/NP
संपत्स्यन्ते/KP कतिपयदिनस्थायिहंसाः/NP दशार्णाः/NV ।।/PUNC २४/PUNC ।।/PUNC 
तेषाम्/SN दिक्षु/NP प्रथितविदिशालक्षणाम्/NV राजधानीम्NP
गत्वा/KKS सद्यः/KV फलम्/NP अविकलम्/NV कामुकत्वस्य/NP लब्धा/KN
तीरोपान्तः/NP तनितसुभगम्/NV पास्यसि/KP स्वादु/NV यस्मात्‌/SSN सभ्रूभङ्‌गम्/NV मुखम्/NP इव/ASD पयः/NP वेत्रवत्याः/NP चलोर्मि/NP ।।/PUNC २५/PUNC ।।/PUNC
नीचैः/KV आख्यम्/NV गिरिम्/NP अधिवसेः/KP तत्र/A विश्रामहेतोः/NP त्वत्/SN सम्पर्कात्/NP पुलकितम्/NV इव/ASD प्रौढपुष्पैः/NV कदम्बैः/NP ।/PUNC
यः/SSN पण्यस्त्रीरतिपरिमलोद्गारिभिः/NP नागराणाम्‌/NP उद्दामानि/NP प्रथयति/KP शिलावेश्मभिः/NP यौवनानि/NP ।।/PUNC २६/PUNC ।।/PUNC
विश्रान्तः/KN सन्/A व्रज/KP वननदीतीरजानाम्/NP निषिञ्चन्‌/KNV उद्यानानाम्/NP नवजलकणैः/NP यूथिकाजालकानि/NV ।/PUNC
गण्डस्वेदापनयनरुजाक्लान्तकर्णोत्पलानाम्‌/NV
छायादानात्/NP क्षणपरिचितः/NV पुष्पलावीमुखानाम्‌/NP ।।/PUNC २७/PUNC ।।/PUNC
वक्रः/NV पन्थाः/NP यद्यपि/AVK भवतः/SN प्रस्थितस्य/KN उत्तराशाम्/NP
सौधोत्सङ्‌गप्रणयविमुखः/NV मा/AN स्म/A भूः/KP उज्जयिन्याः/NS ।/PUNC
विद्युद्दामस्फुरितचकितैः/NV तत्र/A पौराङ्‌गनानाम्/NP
लोलापाङ्‌गैः/NP यदि/AVK न/AN रमसे/KP लोचनैः/NP वञ्चितः/KN असि/KP ।।/PUNC २८/PUNC ।।/PUNC 
वीचिक्षोभः/NP तनितविहगश्रेणिकाञ्चीगुणायाः/NV
संसर्पन्त्याः/KNV स्खलितसुभगम्/NV दर्शितावर्तनाभेः/NV ।/PUNC
निर्विन्ध्यायाः/NS पथि/NP भवः/NP रसाभ्यन्तरः/NP संनिपत्य/KKS
स्त्रीणाम्/NP आद्यम्/A प्रणयवचनम्/NP विभ्रमः/NP हि/A प्रियेषु/NP ।।/PUNC २९/PUNC ।।/PUNC 
वेणीभूतप्रतनुसलिला/NV ताम्/SN अतीतस्य/NP सिन्धुः/NS
पाण्डुछाया/NV तटरुहतरुभ्रंशिभिः/NV जीर्णपर्णैः/NP ।/PUNC
सौभाग्यम्/NP ते/SN सुभग/NP विरहावस्थया/NV व्यञ्जयन्ती/KNV
कार्श्यम्/KV येन/SSN त्यजति/KP विधिना/NP सः/SN त्वया/SN एव/INTF उपपाद्यः/KN ।।/PUNC ३०/PUNC ।।/PUNC
प्राप्य/KKS अवन्तीन्/NV उदयनकथाकोविदग्रामवृद्धान्‌/NP पूर्वोद्दिष्टाम्/NS उपसर/KP पुरीम्/NP श्रीविशालाम्/NS विशालाम्/NV ‌।/PUNC
स्वल्पीभूते/NV सुचरितफले/NP स्वर्गिणाम्/NV गाम्/NP गतानाम्/KN
शेषैः/NV पुण्यैः/NP हृतम्/KN इव/ASD दिवः/NS कान्तिमत्‌खण्डम्/NP एकम्‌/SMKY ।।/PUNC ३१/PUNC ।।/PUNC
दीर्घाकुर्वन्/KNV पटु/NV मदकलम्/NP कूजितम्/KN सारसानाम्/NP
प्रत्यूषेषु/NP स्फ़ुटितकमलामोदमैत्रीकषायः/NP ।/PUNC
यत्र/A स्त्रीणाम्/NP हरति/KP सुरतग्लानिम्/NP अङ्‌गानुकूलः/NV
शिप्रावातः/NP प्रियतमः/NP इव/ASD प्रार्थनाचाटुकारः/NP ।।/PUNC ३२/PUNC ।।/PUNC
हारान्/NP तारान्/NV तरलगुटिकान्/NP कोटिशः/SMKY शङ्‌खशुक्तीः/NP
शष्पश्यामान्/NV मरकतमणीन्/NP उन्मयूखप्ररोहान्/NV ‌।/PUNC
दृष्ट्वा/KKS यस्याम्/SSN विपणिरचितान्/NV विद्रुमाणाम्/NP च/AVK भङ्‌गान्‌/KN संलक्ष्यन्ते/KP सलिलनिधयः/NP तोयमात्रावशेषाः/NV ।।/PUNC ३३/PUNC ।।/PUNC
प्रद्योतस्य/NS प्रियदुहितरम्/NP वत्सराजः/NS अत्र/A जह्रे/KP
हैमम्/NV तालद्रुमवनम्/NP अभूत्/KP अत्र/A तस्य/SNV एव/INTF राज्ञः/NP ।/PUNC
अत्र/A उद्भ्रान्तः/NV किल/A नलगिरिः/NS स्तम्भम्/NP उत्पाट्य/KKS दर्पात्‌/NP इति/AUD आगन्तून्/NV नमयति/KP जनः/NP यत्र/A बन्धून्/NP अभिज्ञः/NV ।।/PUNC ३४/PUNC ।।/PUNC 
पत्रश्यामा/NV दिनकरहयस्पर्द्धिनः/NV यत्र/A वाहाः/NP
शैलोदग्राः/NV त्वम्/SN इव/ASD करिणः/NP दृष्टिमन्तः/NV प्रभेदात्/NP ‌।/PUNC
योधाग्रण्यः/NV प्रतिदशमुखम्/NP संयुगे/NP तस्थिवांसप्रत्यादिष्टाभरणरुचयः/NP चन्द्रहासव्रणांकैः/NP ।।/PUNC ३५/PUNC ।।/PUNC 
जालोद्गीर्णैः/NV उपचितवपुः/NV केशसंस्कारधूपैः/NP बन्धुप्रीत्या/NP भवनशिखिभिः/NP दत्तनृत्योपहारः/NP ।/PUNC
हर्म्येषु/NP अस्याः/SN कुसुमसुरभिषु/NV अध्वखेदम्/NP नयेथाः/KP लक्ष्मीम्/NP पश्यन्/KNV ललितवनितापादरागाङ्कितेषु/NV ।।/PUNC ३६/PUNC ।।/PUNC
भर्तुः/NP कण्ठछविः/NP इति/AUD गणैः/NP सादरम्/KV वीक्ष्यमाणः/KNV
पुण्यम्/NP यायाः/KP त्रिभुवनगुरोः/NV धाम/NP चण्डीश्वरस्य/NS ।/PUNC
धूतोद्यानम्/NP कुवलयरजोगन्धिभिः/NV गन्धवत्याः/NS तोयक्रीडानिरतयुवतिस्नानतिक्तैः/NV मरुद्भिः/NP ।।/PUNC ३७/PUNC ।।/PUNC 
अपि/ASD अन्यस्मिन्/SN जलधर/NP महाकालम्/NS आसद्य/KKS काले/NP
स्थातव्यम्/KN ते/SN नयनविषयम्/NP यावत्/A अत्येति/KP भानुः/NS ।/PUNC
कुर्वन्/KNV संध्याबलिपटहताम्/NV शूलिनः/NP श्लाघनीयाम्‌/NV आमन्द्राणाम्/NV फलम्/NP अविकलम्/NV लप्स्यसे/KP गर्जितानाम्‌/NP ।।/PUNC ३८/PUNC ।।/PUNC
पादन्यासैः/NP क्वणितरशनाः/NV तत्र/A लीलावधूतैः/NP
रत्नछायाखचितवलिभिः/NV चामरैः/NP क्लान्तहस्ताः/NV ।/PUNC
वेश्याः/NP त्वत्तः/SN नखपदसुखान्/NP प्राप्य/KKS वर्षाग्रबिन्दून्‌/NP आमोक्ष्यन्ते/KP त्वयि/SN मधुकरश्रेणिदीर्घान्/NV कटाक्षान्‌/NP ।।/PUNC ३९/PUNC ।।/PUNC 
पश्चात्/KV उच्चैः/NV भुजतरुवनम्/NP मण्डलेन/NP अभिलीनः/NV
सांध्यम्/NV तेजः/NP प्रतिनवजपापुष्परक्तम्/NV दधानः/KNV ।/PUNC
नृत्तारम्भे/NP हर/KP पशुपतेः/NS आर्द्रनागाजिनेच्छाम्/NP
शान्तोद्वेगः/NV तिमितनयनम्/NP दृष्टभक्तिः/NP भवान्या/NS ।।/PUNC ४०/PUNC
गच्छन्तीनाम्/KNV रमणवसतिम्/NP योषिताम्/NP तत्र/A नक्तम्/NP
रुद्धालोके/NP नरपतिपथे/NP सूचिभेद्यैः/NV तमोभिः/NP ।/PUNC
सौदामन्या/NP कनकनिकषस्निग्धया/NV दर्शय/KP उर्वीम्/NP
तोयोत्सर्गस्तनितमुखरः/NV मा/AN स्म/A भूः/KP विक्लवाः/NV ताः/SN ।।/PUNC ४१/PUNC ।।/PUNC 
ताम्/SNV कस्याञ्चिद्/SNV भवनवलभौ/NP सुप्तपारावतायाम्/NV
नीत्वा/KKS रात्रिम्/NP चिरविलसनात्/NP खिन्नविद्युत्‌कलत्रः/NV ।/PUNC
दृष्टे/KNV सूर्ये/NS पुनः/KV अपि/A भवान्/SN वाहयेद्/KP अध्वशेषम्/NP
मन्दायन्ते/KP न/AN खलु/A सुहृदाम्/NP अभ्युपेतार्थकृत्याः/NP ।।/PUNC ४२/PUNC ।।/PUNC 
तस्मिन्/SNV काले/NP नयनसलिलम्/NP योषिताम्/NP खण्डितानाम्/NV
शान्तिम्/NP नेयम्/KN प्रणयिभिः/NP अतः/AVK वर्त्म/NP भानोः/NS त्यज/KP आशु/KV ।/PUNC
प्रालेयास्त्रम्/NP कमलवदनात्/NP सः/SN अपि/ASD हर्तुम्/KKS नलिन्याः/NP
प्रत्यावृत्तः/NV त्वयि/SN कररुधि/NV स्याद्/KP अनल्पाभ्यसूयः/NV ।।/PUNC ४३/PUNC ।।/PUNC 
गम्भीरायाः/NS पयसि/NP सरितः/NP चेतसि/NP इव/ASD प्रसन्ने/NV
छायात्मा/NP अपि/ASD प्रकृतिसुभगः/NV लप्स्यते/KP ते/SN प्रवेशम्/NP ।/PUNC
तस्माद्/AVK अस्याः/SN कुमुदविशदानि/NV अर्हसि/KP त्वम्/SN न/AN धैर्यात्/NP मोघीकर्तुम्/KKS चटुलशफरोद्वर्तनप्रेक्षितानि/NP ।।/PUNC ४४/PUNC ।।/PUNC 
तस्याः/SN किंचित्/SNV करधृतम्/NV इव/ASD प्राप्तवानीरशाखम्/NV
हृत्वा/KKS नीलम्/NV सलिलवसनम्/NP मुक्तरोधोनितम्बम्/NP ।/PUNC
प्रस्थानम्/NP ते/SN कथम्/KV अपि/ASD सखे/NP लम्बमानस्य/NV भावि/KP
ज्ञातास्वादः/NV विवृतजघनाम्/NP कः/SN विहातुम्/KKS समर्थः/NV ।।/PUNC ४५/PUNC
त्वन्निष्यदोच्छ्‌वसितवसुधागन्धसंपर्करम्यः/NV
स्रोतोरन्ध्रध्वनितसुभगम्/KV दन्तिभिः/NP पीयमानः/KNV ।/PUNC
नीचैः/KV वास्यति/KP उपजिगमिषोः/NV देवपूर्वम्/NS गिरिम्/NP ते/SN
शीतोवायुः/NP परिणमयिता/NV काननोदुम्बराणाम्‌/NP ।।/PUNC ४६/PUNC
तत्र/A स्कन्दम्/NS नियतवसतिम्/NV पुष्पमेघीकृतात्मा/NV
पुष्पासारैः/NP स्नपयतु/KP भवान्/SN व्योमगङ्‌गाजलार्द्रैः/NV ।/PUNC
रक्षाहेतोः/NP नवशशिभृता/NS वासवीनाम्/NV चमूनाम्‌/NP अत्यादित्यम्/NV हुतवहमुखे/NP संभृतम्/KN तत्/SN हि/A तेजः/NP ।।/PUNC ४७/PUNC
ज्योतिर्लेखावलयि/NV गलितम्/KNV यस्य/SSN बर्हम्/NP भवानी/NS
पुत्रप्रेम्णा/NP कुवलयदलप्रापि/NV कर्णे/NP करोति/KP ।/PUNC
धौतापाङ्‌गम्/NP हरशशिरुचा/NP पावकेः/NS तम्/SNV मयूरम्/NP
पश्चाद्/KV अद्रिग्रहणगुरुभिः/NV गर्जितैः/NP नर्तयेथाः/KP ।।/PUNC ४८/PUNC
आराध्य/KKS एनम्/SNV शरवणभवम्/NV देवम्/NP उल्लङ्घिताध्वा/NV
सिद्धद्वन्द्वैः/NP जलकणभयाद्/NP वीणिभिः/NP मुक्तमार्गः/NV ।/PUNC
व्यालम्बेथाः/KP सुरभितनयालम्भजाम्/NV मानयिष्यन्‌/KNV स्रोतोमूर्त्या/NP भुवि/NP परिणताम्/NV रन्तिदेवस्य/NS कीर्तिम्‌/NP ।।/PUNC ४९/PUNC ।।/PUNC 
त्वयि/SN आदातुम्/KKS जलम्/NP अवनते/NV शार्ङ्गिणः/NS वर्णचौरे/NV
तस्याः/SNV सिन्धोः/NS पृथुम्/NV अपि/ASD तनुम्/NV दूरभावात्/NP प्रवाहम्/NP ।/PUNC
प्रेक्षिष्यन्ते/KP गगनगतयः/NP नूनम्/KV आवर्ज्य/KKS दृष्टीः/NP एकम्/SNV मुक्तागुणम्/NP इव/ASD भुवः/NP स्थूलमध्यइन्द्रनीलम्‌/NV ।।/PUNC ५०/PUNC	
ताम्/SN उत्तीर्य/KKS व्रज/KP परिचितभ्रूलताविभ्रमाणाम्/NV
पक्ष्मोत्क्षेपाद्/NP उपरिविलसत्‌कृष्णशारप्रभाणाम्/NV ।/PUNC
कुन्दक्षेपानुगमधुकरश्रीमुषाम्/NV आत्मबिम्बम्/NP
पात्रीकुर्वन्/KNV दशपुरवधूनेत्रकौतूहलानाम्/NP ।।/PUNC ५१/PUNC
ब्रह्मावर्तम्/NS जनपदम्/NP अथ/A छायया/NP गाहमानः/KNV
क्षेत्रम्/NP क्षत्रप्रधनपिशुनम्/NP कौरवम्/NV तद्/SNV भजेथाः/KP ।/PUNC
राजन्यानाम्/NP शितशरशतैः/NP यत्र/A गाण्डीवधन्वा/NS
धारापातैः/NP त्वम्/SN इव/ASD कमलानि/NP अभ्यवर्षत्/KP मुखानि/NP ।।/PUNC ५२/PUNC ।।/PUNC 
हित्वा/KKS हालाम्/NP अभिमतरसाम्/NV रेवतीलोचनअङ्काम्/NV
बन्धुप्रीत्या/NP समरविमुखः/NV लाङ्गली/NS याः/SSN सिषेवे/KP ।/PUNC
कृत्वा/KKS तासाम्/SN अधिगमम्/NP अपाम्/NP सौम्य/NP सारस्वतीनाम्‌/NV अन्तःशुद्धः/NV त्वम्/SN अपि/ASD भविता/KP वर्णमात्रेण/NP कृष्णः/NV ।।/PUNC ५३/PUNC ।।/PUNC 
तस्माद्/AVK गच्छेः/KP अनुकनखलम्/NS शैलराजावतीर्णाम्/NV
जाह्नोः/NS कन्याम्/NP सगरतनयस्वर्गसोपानपङ्क्तिम्‌/NV ।/PUNC
गौरीवक्त्रभ्रुकुटिरचनाम्/NP या/SSN विहस्य/KKS इव/ASN फेनैः/NP
शंभोः/NS केशग्रहणम्/NP अकरोत्/KP इन्दुलग्नोर्मिहस्ता/NV ।।/PUNC ५४/PUNC ।।/PUNC
तस्याः/SN पातुम्/KKS सुरगजः/NP इव/ASD व्योम्नि/NP पश्चार्धलम्बी/NV
त्वम्/SN चेद्/ अच्छस्फटिकविशदम्/NV तर्कयेः/KP तिर्यक्/KV अम्भः/NP !/PUNC
संसर्पन्त्या/KNV सपदि/KV भवतः/SN स्रोतसि/NP छायया/NP असौ/SN
स्याद्/KP अस्थानोपगतयमुनासंगमा/NV इव/ASD अभिरामा/NV ।।/PUNC ५५/PUNC ।।/PUNC 
आसीनानाम्/KNV सुरभितशिलम्/NP नाभिगन्धैः/NP मृगाणाम्/NP
तस्याः/SN एव/INTF प्रभवम्/NP अचलम्/NP प्राप्य/KKS गौरम्/NV तुषारैः/NP ।/PUNC
वक्ष्यसि/KP अध्वश्रमविनयने/NP तस्य/SN शृङ्‌गे/NP निषष्णः/KNV
शोभाम्/NP शुभ्राम्/NV त्रिनयनवृषोत्खातपङ्कोपमेयाम्‌/NV ।।/PUNC ५६/PUNC
तम्/SN चेत्/A वायौ/NP सरति/KNV सरलस्कन्धसंघट्टजन्मा/NV
बाधेत/KP उल्काक्षपितचमरीबालभारः/NV दवाग्निः/NP ।/PUNC
अर्हसि/KP एनम्/SN शमयितुम्/KKS अलम्/KV वारिधारासहस्त्रैः/NP आपन्नार्तिप्रशमनफलाः/NV संपदः/NP हि/A उत्तमानाम्‌/NP ।।/PUNC ५७/PUNC
ये/SN संरम्भोत्पतनरभसाः/NP स्वाङ्‌गभङ्‌गाय/NP तस्मिन्‌/SN मुक्ताध्वानम्/NV सपदि/KV शरभा/NP लङ्‌घयेयुः/KP भवन्तम्/SN ।/PUNC
तान्/SN कुर्वीथाः/KP तुमुलकरकावृष्टिपातावकीर्णान्‌/NV के/SN वा/AP न/AN स्युः/KP परिभवपदम्/NP निष्फलारम्भयत्नाः/NV ।।/PUNC ५८/PUNC ।।/PUNC 
तत्र/A व्यक्तम्/KN दृषदि/NP चरणन्यासम्/NP अर्धेन्दुमौलेः/NS
शश्वत्/KV सिद्धैः/NP उपचितबलिम्/NV भक्तिनम्रः/NV परीयाः/KP ।/PUNC
यस्मिन्/SSN दृष्टे/KN करणविगमाद्/NP उर्ध्वम्/KV उद्धूतपापाः/NV
कल्पिष्यन्ते/KP स्थिरगणपदप्राप्तये/NP श्रद्दधानाः/NP ।।/PUNC ५९/PUNC
शब्दायन्ते/KP मधुरम्/KV अनिलैः/NP कीचकाः/NP पूर्यमाणाः/KNV
संरक्ताभिः/KNV त्रिपुरविजयः/NP गीयते/KP किंनरीभिः/NP ।/PUNC
निर्ह्रादः/NP ते/SN मुरजः/NP इव/ASD चेत्/A क्रन्दरेषु/NP ध्वनिः/NP स्यात्‌/KP संगीतार्थः/NP ननु/A पशुपतेः/NS तत्र/A भावी/KN समग्रः/NV ।।/PUNC ६०/PUNC ।।/PUNC
प्रालेयाद्रेः/NS उपतटम्/NP अतिक्रम्य/KKS तान्/SN तान्/DV विशेषान्/NP हंसद्वारम्/NS भृगुपतियशोवर्त्म/NS यत्/SSN क्रौञ्चरन्ध्रम्/NS ।/PUNC
तेन/SN उदीचीम्/NS दिशम्/NP अनुसरेः/KP तिर्यगायामशोभी/NV
श्यामः/NV पादः/NP बलिनियमनाभ्युद्यतस्य/NV इव/ASD विष्णोः/NS ।।/PUNC ६१/PUNC ।।/PUNC
गत्वा/KKS च/AVK ऊर्ध्वम्/NP दशमुखभुजोच्छ्‌वासितप्रस्थसंधेः/NV
कैलासस्य/NS त्रिदशवनितादर्पणस्य/NV अतिथिः/NP स्याः/KP ।/PUNC
शृंङ्‌गोच्छ्रायैः/NP कुमुदविशदैः/NV यः/SSN वितत्य/KKS स्थितः/KN खम्/NP
राशीभूतः/NV प्रतिदिनम्/KV इव/ASD त्र्यम्बकस्य/NS अट्टहासः/NP ।।/PUNC ६२/PUNC
उत्पश्यामि/KP त्वयि/SN तटगते/NP स्निग्धभिन्नाञ्जनाभे/NV
सद्यः/KV कृत्तद्विरददशनछेदगौरस्य/NV तस्य/SNV ।/PUNC
शोभाम्/NP अद्रेः/NP स्तिमितनयनप्रेक्षणीयाम्/NV भवित्रीम्‌/NV अंसन्यस्ते/NV सति/KN हलभृतः/NS मेचके/NV वाससि/NP इव/ASD ।।/PUNC ६३/PUNC ।।/PUNC 
हित्वा/KKS तस्मिन्/SN भुजगवलयम्/NP शंभुना/NS दत्तहस्ता/NV
क्रीडाशैले/NP यदि/AVK च/AVK विचरेत्/KP पादचारेण/NP गौरी/NS ।/PUNC
भङ्गीभत्तया/NP विरचितवपुः/NV स्तम्भितान्तर्जलौघः/NV
सोपानत्वम्/NP कुरु/KP मणितटारोहणाय/NP अग्रयायी/NV ।।/PUNC ६४/PUNC	
तत्र/A अवश्यम्/KV वलयकुलिशोद्धट्टनउद्गीर्णतोयम्/NV
नेष्यन्ति/KP त्वाम्/SN सुरयुवतयः/NP यन्त्रधारागृहत्वम्/NV ।/PUNC
ताभ्यः/SN मोक्षः/NP तव/SN यदि/AVK सखे/NP घर्मलब्धस्य/NV न/AN स्यात्‌/KP क्रीडालोलाः/NV श्रवणपरुषैः/NV गर्जितैः/NP भाययेः/KP ताः/SN ।।/PUNC ६५/PUNC
हेमाम्भोजप्रसवि/NV सलिलम्/NP मानसस्य/NS आददानः/KNV
कुर्वन्/KNV कामम्/KV क्षणमुखपटप्रीतिम्/NP ऐरावतस्य/NS ।/PUNC
धुन्वन्/KNV कल्पद्रुमकिसलयानि/NP अंशुकानि/NP इव/ASD वातैः/NP नानाचेष्टैः/NP जलद/NP ललितैः/NV निर्विशेः/KP तम्/SNV नगेन्द्रम्‌/NP ।।/PUNC ६६/PUNC ।।/PUNC 
तस्य/SN उत्सङ्‌गे/NP प्रणयिनः/NP इव/ASD स्रस्तगङ्‌गादुकूलाम्/NP
न/AN त्वम्/SN दृष्ट्वा/KKS न/AN पुनः/KV अलकाम्/NS ज्ञास्यसे/KP कामचारिन्/NP ।/PUNC
या/SSN वः/SN काले/NP वहति/KP सलिलोद्गारम्/NV उच्चैः/NV विमाना/NV
मुक्ताजालग्रथितम्/NV अलकम्/NP कामिनी/NP इव/ASD अभ्रवृन्दम्‌/NP ।।/PUNC ६७/PUNC

                                 
                                                            उत्तरमेघः/NS

विद्युत्वन्तम्/NV ललितवनिताः/NV सेन्द्रचापम्/NV सचित्राः/NV
संगीताय/NP प्रहतमुरजाः/NV स्निग्धगम्भीरघोषम्/NV ।/PUNC
अन्तस्तोयम्/NV मणिमयभुवः/NV तुङ्‌गम्/NV अभ्रंलिहाग्राः/NV
प्रासादाः/NP त्वाम्/SN तुलयितुम्/KKS अलम्/NV यत्र/A तैः/SN तै/DV विशेषैः/NP ।।/PUNC १/PUNC ।।/PUNC 
हस्ते/NP लीलाकमलम्/NP अलके/NP बालकुन्दानुविद्धम्/NP
नीता/KN लोध्रप्रसवरजसा/NP पाण्डुताम्/NP आनने/NP श्रीः/NP ।/PUNC
चूडापाशे/NP नवकुरबकम्/NP चारु/NV कर्णे/NP शिरीषम्/NP
सीमन्ते/NP च/AVK त्वत्/SN उपगमजम्/NV यत्र/A नीपम्/NP वधूनाम्‌/NP ।।/PUNC २/PUNC ।।/PUNC 
यत्र/A उन्मत्तभ्रमरमुखराः/NV पादपाः/NP नित्यपुष्पाः/NV
हंसश्रेणीरचितरशनाः/NV नित्यपद्माः/NV नलिन्यः/NP ।/PUNC
केकोत्कण्ठाः/NV भवनशिखिनः/NP नित्यभास्वत्कलापाः/NV
नित्यज्योत्स्नाः/NV प्रतिहततमोवृत्तिरम्याः/NV प्रदोषाः/NP ।।/PUNC ३/PUNC ।।/PUNC
आनन्दोत्थम्/NV नयनसलिलम्/NP यत्र/A न/AN अन्यैः/SNV निमित्तैः/NP अन्यः/SNV तापः/NP कुसुमशरजात्/NV इष्टसंयोगसाध्यात्/NV ।/PUNC
न/AN अपि/ASD अन्यस्मात्/SNV प्रणयकलहात्/NP विप्रयोगोपपत्तिः/NP वित्तेशानाम्/NP न/AN च/AVK खलु/A वयः/NP यौवनात्/NP अन्यत्/SN अस्ति/KP ।।/PUNC ४/PUNC ।।/PUNC
यस्याम्/SSN यक्षाः/NP सितमणिमयानि/NV एत्य/KKS हर्म्यस्थलानि/NP
ज्योतिश्छायाकुसुमरचितानि/NV उत्तमस्त्रीसहायाः/NV ।/PUNC
आसेवन्ते/KP मधु/NP रतिफलम्/NP कल्पवृक्षप्रसूतम्/NV
त्वद्गम्भीरध्वनिषु/NV शनकैः/KV पुष्करेषु/NP आहतेषु/NV ।।/PUNC ५/PUNC ।।/PUNC 
मन्दाकिन्याः/NS सलिलशिशिरैः/NV सेव्यमाना/KNV मरुद्भिः/NP मन्दाराणाम्/NP अनुतटरुहाम्/NV छायया/NP वारितोष्णाः/NV ।/PUNC
अन्वेष्टव्यैः/NV कनकसिकतामुष्टिनिक्षेपगूढैः/NP
संक्रीडन्ते/KP मणिभिः/NP अमरप्रार्थिताः/NV यत्र/A कन्याः/NP ।।/PUNC ६/PUNC ।।/PUNC 
नीवीबन्धोच्छ्‌वसितशिथिलम्/NV यत्र/A बिम्बाधराणाम्/NP
क्षौमम्/NP रागात्/NP अनिभृतकरेषु/NP आक्षिपत्सु/NV प्रियेषु/NP ।/
अर्चिस्तुङ्‌गान्/NV अभिमुखम्/NP अपि/ASD प्राप्य/KKS रत्नप्रदीपान्/NP
ह्रीमूढानाम्/NV भवति/KP विफलप्रेरणा/NV चूर्णमुष्टिः/NP ।।/PUNC ७/PUNC ।।/PUNC
नेत्रा/NV नीताः/KN सततगतिना/NV यद्विमानाग्रभूमीः/NP आलेख्यानाम्/NP सलिलकणिकादोषम्/NP उत्पाद्य/KKS सद्यः/KV ।/PUNC
शङ्कास्पृष्टाः/NV इव/ASD जलमुचः/NP त्वादृशाः/NV जालमार्गैः/NP धूमोद्गारानुकृतिनिपुणाः/NV जर्जराः/NV निष्पतन्ति/KP ।।/PUNC ८/PUNC ।।/PUNC 
यत्र/A स्त्रीणाम्/NP प्रियतमभुजोच्छ्‌वासितालिङ्गितानाम्/NV अङ्‌गग्लानिम्/NP सुरतजनिताम्/NV तन्तुजालावलम्बाः/NV ।/PUNC
त्वत्संरोधापगमविशदः/NV चन्द्रपादैः/NP निशीथे/NP
व्यालुम्पन्ति/KP स्फुटजललवस्यन्दिनः/NV चन्द्रकान्ताः/NP ।।/PUNC ९/PUNC ।।/PUNC
अक्षय्यान्तर्भवननिधयः/NV प्रत्यहम्/KV रक्तकण्ठैः/NP उद्गायद्भिः/NV धनपतियशः/NP किन्नरैः/NP यत्र/A सार्धम्/AUP ।/PUNC
वैभ्राजाख्यम्/NS विबुधवनितावारमुख्यासहाया/NV
बद्धालापाः/NV बहिरुपवनम्/NP कामिनः/NP निर्विशन्ति/KP ।।/PUNC १०/PUNC ।।/PUNC 
गत्योत्कम्पात्/NP अलकपतितैः/NP यत्र/A मन्दारपुष्पैः/NP
पत्रछेदैः/NP कनककमलैः/NP कर्णविभ्रंशिभिः/NV च/AVK ।/PUNC
मुक्ताजालैः/NP स्तनपरिसरछिन्नसूत्रैः/NP च/AVK हारैः/NP नैशः/NV मार्गः/NP सवितुः/NS उदये/NP सूच्यते/KP कामिनीनाम्‌/NP ।।/PUNC ११/PUNC ।।/PUNC 
मत्वा/KKS देवम्/NV धनपतिसखम्/NP यत्र/A साक्षात्/KV वसन्तम्/NS
प्रायः/KV चापम्/NP न/AN वहति/KP भयात्/NP मन्मथः/NP षट्पदज्यम्‌/NV ।/PUNC
सभ्रूभङ्‌गप्रहितनयनैः/NP कामिलक्ष्येषु/NP अमोघैः/NV तस्य/SN आरम्भः/NP चतुरवनिताविभ्रमैः/NP एव/INTF सिद्धः/NV ।।/PUNC १२/PUNC ।।/PUNC 
वासः/NP चित्रम्/NP मधु/NP नयनयोः/NP विभ्रमादेशदक्षम्/NV
पुष्पोद्भेदम्/NP सह/AUP किसलयैः/NP भूषणानाम्/NP विकल्पम्/NP ।/PUNC
लाक्षारागम्/NP चरणकमलन्यासयोग्यम्/NV च/AVK यस्याम्/SSN एकः/SNV सूते/KP सकलम्/NV अबलामण्डनम्/NP कल्पवृक्षः/NP ।।/PUNC १३/PUNC ।।/PUNC
तत्र/A आगारम्/NP धनपतिगृहान्/NP उत्तरेण/NP अस्मदीयम्/NV
दूरात्/NP लक्ष्यम्/NP सुरपतिधनुश्चारुणा/NV तोरणेन/NP ।/PUNC
यस्य/SSN उपान्ते/NP कृतकतनयः/NV कान्तया/NP वर्धितः/KN मे/SN
हस्तप्राप्यस्तबकनमितः/NV बालमन्दारवृक्षः/NP ।।/PUNC १५/PUNC ।।/PUNC 
वापी/NP च/AVK अस्मिन्/SN मरकतशिलाबद्धसोपानमार्गा/NV 
हैमैः/NV छन्ना/KN विकचकमलैः/NP स्निग्धवैदूर्यनालैः/NV ।/PUNC
यस्याः/SSN तोये/NP कृतवसतयः/NV मानसम्/NS संनिकृष्टम्/NV
न/AN अध्यास्यन्ति/KP व्यपगतशुचः/NV त्वाम्/SN अपि/ASD प्रेक्ष्य/KKS हंसाः/NP ।।/PUNC १६/PUNC ।।/PUNC 
तस्याः/SN तीरे/NP रचितशिखरः/NP पेशलैः/NV इन्द्रनीलैः/NP
क्रीडाशैलः/NP कनककदलीवेष्टनप्रेक्षणीयः/NV ।/PUNC
मद्गेहिन्याः/NP प्रियः/NP इति/AUD सखे/NP चेतसा/NP कातरेण/NV
प्रेक्ष्य/KKS उपान्तस्फ़ुरिततडितम्/NV त्वाम्/SN तम्/SN एव/INTF स्मरामि/KP ।।/PUNC १७/PUNC ।।/PUNC 
रक्ताशोकः/NP चलकिसलयः/NP केसरः/NP च/AVK अत्र/A कान्तः/NP
प्रत्यासन्नौ/NV कुरबकवृतेः/NP माधवीमण्डपस्य/NP ।/PUNC
एकः/SNV सख्याः/NP तव/SN सह/AUP मया/SN वामपादाभिलाषी/NV
काङ्‌क्षति/KP अन्यः/SN वदनमदिराम्/NP दोहदछद्मना/NP अस्याः/SN ।।/PUNC १८/PUNC ।।/PUNC
तन्मध्ये/NP च/AVK स्फटिकफलका/NV काञ्चनी/NV वासयष्टिः/NP मूले/NP बद्धा/NV मणिभिः/NP अनतिप्रौढवंशप्रकाशैः/NP ।/PUNC
तालैः/NP शिञ्जावलयसुभगैः/NP नर्तितः/KN कान्तया/NP मे/SN
याम्/SSN अध्यास्ते/KP दिवसविगमे/NP नीलकण्ठः/NP सुहृत्/NP वः/SN ।।/PUNC ।१९/PUNC ।।/PUNC 
एभिः/SN साधो/NP हृदयनिहितैः/NV लक्षणैः/NP लक्षयेथाः/KP
द्वारोपान्ते/NP लिखितवपुषौ/NP शङ्‌खपद्मौ/NP च/AVK दृष्ट्वा/KKS ।/PUNC
क्षामच्छायम्/NP भवनम्/NP अधुना/KV मद्वियोगेन/NP नूनम्/KV
सूर्यापाये/NP न/AN खलु/A कमलम्/NP पुष्यति/KP स्वाम्/SNV अभिख्याम्‌/NP ।।/PUNC २०/PUNC ।।/PUNC
गत्वा/KKS सद्यः/KV कलभतनुताम्/NP शीघ्रसंपातहेतोः/NP
क्रीडाशैले/NP प्रथमकथिते/NV रम्यसानौ/NP निषण्णः/KNV ।/PUNC
अर्हसि/KP अन्तर्भवनपतिताम्/NP कर्तुम्/KKS अल्पाल्पभासम्/NV
खद्योतालीविलसितनिभाम्/NV विद्युतुन्मेषदृष्टिम्‌/NP ।।/PUNC २१/PUNC ।।/PUNC
तन्वी/NV श्यामा/NV शिखरिदशना/NV पक्वबिम्बाधरोष्ठी/NV
मध्ये/NP क्षामा/NV चकितहरिणीप्रेक्षणा/NV निम्ननाभिः/NV ।/PUNC
श्रोणीभारादलसगमना/NV स्तोकनम्रा/NV स्तनाभ्याम्NP
या/SSN तत्र/A स्यात्/KP युवतिविषये/NP सृष्टिः/NP आद्या/NV इव/ASD धातुः/NS ।।/PUNC २२/PUNC ।।/PUNC 
ताम्/SN जानीथाः/KP परिमितकथाम्/NV जीवितम्/NP मे/SN द्वितीयम्/SMKP
दूरीभूते/NV मयि/SNV सहचरे/NP चक्रवाकीम्/NP इव/ASD एकाम्/NV ।/PUNC
गाढोत्कण्ठाम्/NP गुरुषु/NP दिवसेषु/NP एषु/SNV गच्छत्सु/KNV बालाम्/NP
जाताम्/KN मन्ये/KP शिशिरमथिताम्/NV पद्मिनीम्/NP वा/AVK अन्यरूपाम्‌/NV ।।/PUNC २३/PUNC ।।/PUNC 
नूनम्/KV तस्याः/SN प्रबलरुदितोच्छूननेत्रम्/NV प्रियायाः/NP 
निःश्वासानाम्/NP अशिशिरतया/NP भिन्नवर्णाधरोष्ठम्/NV ‌।/PUNC
हस्तन्यस्तम्/NV मुखम्/NP असकलव्यक्ति/NV लम्बालकत्वात्/NP इन्दोः/NS दैन्यम्/NP त्वदनुसरणक्लिष्टकान्तेः/NV बिभर्ति/KP ।।/PUNC २४/PUNC ।।/PUNC
आलोके/NP ते/SN निपतति/KP पुरा/KV सा/SN बलिव्याकुला/NV वा/AVK
मत्सादृश्यम्/NP विरहतनु/NV वा/AVK भावगम्यम्/NV लिखन्ती/KNV ।/PUNC
पृच्छन्ती/KNV वा/AVK मधुरवचनाम्/NV सारिकाम्/NP पञ्जरस्थाम्/NV
कच्चित्/AP भर्तुः/NP स्मरसि/KP रसिके/NV त्वम्/SN हि/A तस्य/SN प्रिया/NP इति/AUD ।।/PUNC २५/PUNC ।।/PUNC 
उत्सङ्‌गे/NP वा/AVK मलिनवसने/NP सौम्य/NP निक्षिप्य/KKS वीणाम्/NP
मत्गोत्राङ्कम्/NP विरचितपदम्/NP गेयम्/NV उद्गातुकामा/NV ।/PUNC
तन्त्रीम्/NP आर्द्राम्/NV नयनसलिलैः/NP सारयित्वा/KKS कथंचित्/KV भूयः/KV भूयः/DV स्वयम्/A अपि/ASD कृताम्/KN मूर्च्छनाम्/NP विस्मरन्ती/KNV ।।/PUNC २६/PUNC ।।/PUNC
शेषान्/NV मासान्/NP विरहदिवसस्थापितस्य/NV अवधेः/NP वा/AVK
विन्यस्यन्ती/KNV भुवि/NP गणनया/NP देहलीदत्तपुष्पैः/NP ।/PUNC
संभोगम्/NP वा/AVK हृदयनिहितारम्भम्/NV आस्वादयन्ती/KNV
प्रायेण/KV एते/SN रमणविरहेषु/NP अङ्‌गनानाम्/NP विनोदाः/NP ।।/PUNC २७/PUNC ।।/PUNC
सव्यापाराम्/NV अहनि/NP न/AN तथा/KV पीडयेत्/KP विप्रयोगः/NP
शङ्के/KP रात्रौ/NP गुरुतरशुचम्/NV निर्विनोदाम्/NV सखीम्/NP ते/SN ।/PUNC
मत्संदेशैः/NP सुखयितुम्/KKS अलम्/NV पश्य/KP साध्वीम्/NV निशीथे/NP
ताम्/SNV उन्निद्राम्/NV अवनिशयनाम्/NV सौधवातायनस्थः/NV ।।/PUNC २८/PUNC ।।/PUNC 
आधिक्षामाम्/NV विरहशयने/NP संनिषण्णएकपार्श्वाम्/NV
प्राचीमूले/NV तनुम्/NV इव/ASD कलामात्रशेषाम्/NV हिमांशोः/NS ।/PUNC
नीता/KN रात्रिः/NP क्षणे/NP इव/ASD मया/SN सार्धम्/AUP इच्छारतैः/NP या/SSN
ताम्/SN एव/INTF उष्णैः/NV विरहमहतीम्/NV अश्रुभिः/NP यापयन्तीम्‌/KNV ।।/PUNC २९/PUNC ।।/PUNC 
पादात्/NP इन्दोः/NP अमृतशिशिरान्/NP जालमार्गप्रविष्टान्/NV
पूर्वप्रीत्या/NP गतम्/KN अभिमुखम्/NP संनिवृत्तम्/NV तथा/ASD एव/INTF ।/PUNC
चक्षुः/NP खेदात्/NP सलिलगुरुभिः/NV पक्ष्मभिः/NP छादयन्तीम्/KNV
साभ्रे/NP अह्नि/NP इव/ASD स्थलकमलिनीम्/NP अप्रबुद्धाम्/NV न/AN सुप्तान्‌/NV ।।/PUNC ३०/PUNC ।।/PUNC 
निःश्वासेन/NP अधरकिसलयक्लेशिना/NP विक्षिपन्तीम्/NP
शुद्धस्नानात्/NP परुषम्/NV अलकम्/NP नूनम्/KV आगण्डलम्बम्/NV ।/PUNC
मत्संभोगः/NP कथम्/KV उपनमेत्/KP स्वप्नजः/NV अपि/ASD इति/AUD निद्राम्/NP आकाङ्‌क्षन्तीम्/KNV नयनसलिलोत्पीडरुद्धावकाशाम्‌/NV ।।/PUNC ३१/PUNC ।।/PUNC
आद्ये/NP बद्धा/KN विरहदिवसे/NP या/SSN शिखा/NP दाम/NP हित्वा/KKS
शापस्य/NP अन्ते/NP विगलितशुचा/NV ताम्/SN मया/SN उद्वेष्टनीयाम्/NV ‌।/PUNC
स्पर्शक्लिष्टाम्/NV अयमितनखेन/NP असकृत्/KV सारयन्तीम्/KNV
गण्डाभोगात्/NP कठिनविषमाम्/NV एकवेणीम्/NP करेण/NP ।।/PUNC ३२/PUNC ।।/PUNC
सा/SNV संन्यस्ताभरणम्/NV अबला/NP पेशलम्/NV धारयन्ती/KNV
शय्योत्सङ्‌गे/NP निहितम्/KN असकृत्/KV दुःखदुःखेन/NP गात्रम्/NP ।/PUNC
त्वाम्/SN अपि/ASD अस्त्रम्/NP नवजलमयम्/NV मोचयिष्यति/KP अवश्यम्/KV
प्रायः/KV सर्वः/SN भवति/KP करुणावृत्तिः/NV आर्द्रान्तरात्मा/NP ।।/PUNC ३३/PUNC ।।/PUNC 
जाने/KP सख्याः/NP तव/SN मयि/SN मनः/NP संभृतस्नेहम्/NV अस्मात्/AVK इत्थंभूताम्/NV प्रथमविरहे/NP ताम्/SN अहम्/SN तर्कयामि/KP ।/PUNC
वाचालम्/NV माम्/SN न/AN खलु/A सुभगंमन्यभावः/NV करोति/KP
प्रत्यक्षम्/NP ते/SN निखिलम्/NV अचिरात्/KV भ्रातः/NP उक्तम्/KN मया/SN यत्‌/SSN ।।/PUNC ३४/PUNC ।।/PUNC 
रुद्धापाङ्‌गप्रसरम्/NV अलकैः/NP अञ्जनस्नेहशून्यम्/NV
प्रत्यादेशात्/NP अपि/ASD च/AVK मधुनः/NP विस्मृतभ्रूविलासम्/NP ।/PUNC
त्वयि/SN आसन्ने/NP नयनम्/NP उपरिस्पन्दि/NV शङ्के/KP मृगाक्ष्या/NV
मीनक्षोभात्/NP चलकुवलयश्रीतुलाम्/NP एष्यति/KP इति/AUD ।।/PUNC ३५/PUNC ।।/PUNC 
वामः/NV च/AVK अस्याः/SN कररुहपदैः/NP मुच्यमानः/KNV मदीयैः/NV 
मुक्ताजालम्/NP चिरपरिचितम्/NV त्याजितः/NV दैवगत्या/NP ।/PUNC
संभोगान्ते/NP मम/SN समुचितः/NV हस्तसंवाहनानाम्/NV
यास्यति/KP ऊरुः/NP सरसकदलीस्तम्भगौरः/NV चलत्वम्‌/NP ।।/PUNC ३६/PUNC ।।/PUNC 
तस्मिन्/SNV काले/NP जलद/NP यदि/AVK सा/SNV लब्धनिद्रासुखा/NV स्यात्/KP 
अन्वास्य/KKS एनाम्/SN स्तनितविमुखः/NP याममात्रम्/NP सहस्व/KP ।/PUNC
मा/AN भूत्/KP अस्याः/SN प्रणयिनि/NV मयि/SN स्वप्नलब्धे/NP कथंचित्/KV सद्यः/KV कण्ठच्युतभुजलताग्रन्थि/NV गाढोपगूढम्‌/NP ।।/PUNC ३७/PUNC ।।/PUNC
ताम्/SN उत्थाय/KKS स्वजलकणिकाशीतलेन/NV अनिलेन/NP
प्रत्याश्वस्ताम्/NV समम्/AUP अभिनवैः/NV जालकैः/NP मालतीनाम्/NP ।/PUNC
विद्युद्गर्भः/NV स्तिमितनयनाम्/NV त्वत्सनाथे/NV गवाक्षे/NP
वक्तुम्/KKS धीरः/NV स्तनितवचनैः/NP मानिनीम्/NV प्रक्रमेथाः/KP ।।/PUNC ३८/PUNC ।।/PUNC 
भर्तुः/NP मित्रम्/NP प्रियम्/NV अविधवे/NP विद्धि/KP माम्/SN अम्बुवाहम्/NP
तत्संदेशैः/NP हृदयनिहितैः/NV आगतम्/KN त्वत्समीपम्‌/NP ।/PUNC
यः/SSN वृन्दानि/NP त्वरयति/KP पथि/NP श्राम्यताम्/NV प्रोषितानाम्/NP
मन्द्रस्निग्धैः/NV ध्वनिभिः/NP अबलावेणिमोक्षोत्सुकानि/NV ।।/PUNC ३९/PUNC ।।/PUNC 
इति/AUD आख्याते/KN पवनतनयम्/NS मैथिली/NS इव/ASD उन्मुखी/NV सा/SN
त्वाम्/SN उत्कण्ठोच्छ्‌वसितहृदया/NV वीक्ष्य/KKS संभाव्य/KKS च/AVK एव/INTF ।/PUNC
श्रोष्यति/KP अस्मात्/SN परम्/NV अवहिता/NV सौम्य/NP सीमन्तिनीनाम्/NP
कान्तोदन्तः/NP सुहृदुपनतः/NV संगमात्/NP किंचित्/SN ऊनः/NV ।।/PUNC ४०/PUNC ।।/PUNC
ताम्/SN आयुष्मन्/NP मम/SN च/AVK वचनात्/NP आत्मनः/SN च/AVK उपकर्तुम्/KKS
ब्रूयाः/KP एवम्/AUD तव/SN सहचरः/NP रामगिर्याश्रमस्थः/NV ।/PUNC
अव्यापन्नः/NV कुशलम्/NP अबले/NP पृच्छति/KP त्वाम्/SN वियुक्तः/NV
पूर्वाभाष्यम्/NV सुलभविपदाम्/NV प्राणिनाम्/NP एतत्/SN एव/INTF ।।/PUNC ४१/PUNC ।।/PUNC
अङ्‌गेन/NP अङ्‌गम्/NP प्रतनु/NV तनुना/NV गाढतप्तेन/NV तप्तम्/NV
सास्रेण/NV अश्रुद्रुतम्/NV अविरतोत्कण्ठम्/NV उत्कण्ठितेन/NV ।/PUNC
उष्णोच्छ्‌वासम्/NV समधिकतरोच्छ्‌वासिना/NV दूरवर्ती/NV
संकल्पैः/NP तैः/SNV विशति/KP विधिना/NP वैरिणा/NV रुद्धमार्गः/NV ।।/PUNC ४२/PUNC ।।/PUNC
शब्दाख्येयम्/NV यत्/SSN अपि/ASD किल/A ते/SN यः/SSN सखीनाम्/NP पुरस्तात्/NP कर्णे/NP लोकः/NP कथयितुम्/KKS अभूत्/KP आननस्पर्शलोभात्/NP ।/PUNC
सः/SN अतिक्रान्तः/NV श्रवणविषयम्/NP लोचनाभ्याम्/NP अदृष्टः/NV त्वाम्/SN उत्कण्ठाविरचितपदम्/NP मत्मुखेन/NP इदम्/SN आह/KP ।।/PUNC ४३/PUNC ।।/PUNC
श्यामासु/NP अङ्‌गम्/NP चकितहरिणीप्रेक्षणे/NP दृष्टिपातम्/NP
वक्त्रछायाम्/NP शशिनि/NS शिखिनाम्/NP बर्हभारेषु/NP केशान्/NP ।/PUNC
उत्पश्यामि/KP प्रतनुषु/NV नदीवीचिषु/NP भ्रूविलासान्/NP
हन्त/ABS एकस्मिन्/SN क्वचित्/A अपि/ASD न/AN ते/SN चण्डि/NP सादृश्यम्/NP अस्ति/KP ।।/PUNC ४४/PUNC ।।/PUNC
त्वाम्/SN आलिख्य/KKS प्रणयकुपिताम्/NV धातुरागैः/NP शिलायाम्/NP आत्मानम्/SN ते/SN चरणपतितम्/NV यावत्/A इच्छामि/KP कर्तुम्/KKS ।/PUNC
अस्त्रैः/NV तावन्/A मुहुः/KV उपचितैः/NV दृष्टिः/NP आलुप्यते/KP मे/SN
क्रूरः/NV तस्मिन्/SN अपि/ASD न/AN सहते/KP संगमम्/NP नौ/SN कृतान्तः/NP ।।/PUNC ४५/PUNC ।।/PUNC 
माम्/SN आकाशप्रणिहितभुजम्/NV निर्दयाश्लेषहेतोः/ लब्धायाः/NV ते/SN कथम्/KV अपि/ASD मया/SN स्वप्नसंदर्शनेषु/NP ।/PUNC
पश्यन्तीनाम्/KNV न/AN खलु/A बहुशः/KV न/AN स्थलीदेवतानाम्/NP
मुक्तास्थूलाः/NP तरुकिसलयेषु/NP अश्रुलेशाः/NP पतन्ति/KP ।।/PUNC ४६/PUNC ।।/PUNC 
भित्त्वा/KKS सद्यः/KV किसलयपुटान्/NP देवदारुद्रुमाणाम्/NP
ये/SSN तत्क्षीरस्रुतिसुरभयः/NV दक्षिणेन/NS प्रवृत्ताः/KN ।/PUNC
आलिङ्‌ग्यन्ते/KP गुणवति/NV मया/SN ते/SN तुषाराद्रिवाताः/NP
पूर्वम्/KIV स्पृष्टम्/NV यदि/AVK किल/A भवेत्/KP अङ्‌गम्/NP एभिः/SN तव/SN इति/AUD ।।/PUNC ४७/PUNC ।।/PUNC 
संक्षिप्येत/KP क्षणः/NP इव/ASD कथम्/KV दीर्घयामा/NV त्रियामा/NP
सर्वावस्थासु/NP अहः/NP अपि/ASD कथम्/KV मन्दमन्दातपम्/NV स्यात्/KP ।/PUNC
इत्थम्/KV चेतः/NP चटुलनयने/NP दुर्लभप्रार्थनम्/NV मे/SN
गाढोष्माभिः/NV कृतम्/KN अशरणम्/NP त्वद्वियोगव्यथाभिः/NP ।।/PUNC ४८/PUNC ।।/PUNC 
ननु/A आत्मानम्/SN बहु/NV विगणयन्/KNV आत्मना/SN एव/INTF अवलम्बे/KP
तत्कल्याणि/NS त्वम्/SN अपि/ASD नितराम्/KV मा/AN गमः/KP कातरत्वम्/NP ।/PUNC
कस्य/SN आत्यन्तम्/NV सुखम्/NP उपनतम्/KN दुःखम्/NP एकान्ततः/KV वा/AVK
नीचैः/NP गच्छति/KP उपरि/NP च/AVK दशा/NP चक्रनेमिक्रमेण/NP ।।/PUNC ४९/PUNC ।।/PUNC
शापान्तः/NP मे/SN भुजगशयनात्/NP उत्थिते/KNV शार्ङ्गपाणौ/NS
शेषान्/NV मासान्/NP गमय/KP चतुरः/SMKY लोचने/NP मीलयित्वा/KKS ।/PUNC
पश्चात्/KV आवाम्/SN विरहगणितम्/NV तम्/SN तम्/DV आत्माभिलाषम्/NP
निर्वेक्ष्यावः/KP परिणतशरच्चन्द्रिकासु/NV क्षपासु/NP ।।/PUNC ५०/PUNC ।।/PUNC
भूयः/KV च/AVK आह/KP त्वम्/SN अपि/ASD शयने/NP कण्ठलग्ना/NV पुरा/KV मे/SN
निद्राम्/NP गत्वा/KKS किमपि/SN रुदती/KNV सस्वरम्/KV विप्रबुद्धा/KN ।/PUNC
सान्तर्हासम्/KV कथितम्/KN असकृत्/KV पृच्छतः/KNV च/AVK त्वया/SN मे/SN
दृष्टः/KN स्वप्ने/NP कितव/NP रमयन्/KNV काम्/SN अपि/A त्वम्/SN मया/SN इति/AUD ।।/PUNC ५१/PUNC ।।/PUNC 
एतस्मात्/SN माम्/SN कुशलिनम्/NV अभिज्ञानदानात्/NP विदित्वा/KKS
मा/AN कौलीनात्/NP असितनयने/NP मयि/SN अविश्वासिनी/NV भूः/KP ।/PUNC
स्नेहान्/NP आहुः/KP किमपि/SN विरहे/NP ध्वंसिनः/NV ते/SN तु/A अभोगात्/NP इष्टे/NV वस्तुनि/NP उपचितरसाः/NV प्रेमराशीभवन्ति/KP ।।/PUNC ५२/PUNC ।।/PUNC 
आश्वास्य/KKS एवम्/AUD प्रथमविरहोदग्रशोकाम्/NV सखीम्/NP ते/SN
शैलात्/NP आशु/KV त्रिनयनवृषोत्खातकूटात्/NV निवृत्तः/KN ।/PUNC
साभिज्ञानप्रहितकुशलैः/NV तद्वचोभिः/NP मम/SN अपि/ASD
प्रातःकुन्दप्रसवशिथिलम्/NV जीवितम्/NP धारयेथाः/KP ।।/PUNC ५३/PUNC ।।/PUNC 
कच्चित्/AP सौम्य/NP व्यवसितम्/NV इदम्/SNV बन्धुकृत्यम्/NP त्वया/SN मे/SN
प्रत्यादेशात्/NP न/AN खलु/A भवतः/SN धीरताम्/NP कल्पयामि/KP ।/PUNC
निःशब्दः/NV अपि/ASD प्रदिशसि/KP जलम्/NP याचितः/NV चातकेभ्यः/NP
प्रत्युक्तम्/KN हि/A प्रणयिषु/NP सताम्/NP ईप्सितार्थक्रिया/NP एव/INTF ।।/PUNC ५४/PUNC ।।/PUNC 
एतत्/SN कृत्वा/KKS प्रियम्/NV अनुचितप्रार्थनावर्तिनः/NV मे/SN
सौहार्दात्/NP वा/AVK विधुरः/NV इति/AUD वा/AVK मयि/SN अनुक्रोशबुद्ध्या/NP ।/PUNC
इष्टान्/NV देशान्/NP जलद/NP विचर/KP प्रावृषा/NP संभृतश्रीः/NV
मा/AN भूत्/KP एवम्/AUD क्षणम्/NP अपि/ASD च/AVK ते/SN विद्युता/NP विप्रयोगः/NP ।।/PUNC ५५/PUNC ।।/PUNC 
